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Thursday, 26 December 2019

मोदी का ये चश्मा: कीमत जान उड़ जायेंगे होश, सूर्य ग्रहण से ज्यादा इसकी चर्चा

मोदी का ये चश्मा: कीमत जान उड़ जायेंगे होश, सूर्य ग्रहण से ज्यादा इसकी चर्चा…



सूर्य ग्रहण का असर विश्व के कई देशों में देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत में नजारा कुछ और ही है। यहां सूर्य ग्रहण से ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर है। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के चश्मे (PM Modi sunglasses) पर जमकर चर्चा हो रही है। बहरहाल, पीएम मोदी का चश्मा है भी चर्चा का विषय।

पीएम मोदी ने देखी सूरज की झलक:

साल 2019 का आखिरी ग्रहण होने के साथ ही 296 सालों बाद ऐसा ग्रहण लगने के चलते ये काफी चर्चा में भी है। लेकिन अब सोशल मीडिया पर ग्रहण से जुड़ी एक और बात की चर्चा जोरों पर है।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को सूर्य ग्रहण की झलक देखी, हालाँकि बादल होने के कारण पीएम सीधे सूर्य को नहीं देख सके, लेकिन उनकी सूरज को देखते तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।

ट्वीट पर शेयर की खगोल शात्रियों के साथ अपनी तस्वीरें:

ख़ास बात ये हैं कि चर्चा पीएम मोदी की नहीं बल्कि उनके चश्मे की है। पीएम मोदी ने अपनी तस्वीर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘बहुत से भारतीयों की तरह मैं भी सूर्य ग्रहण को लेकर उत्सुक हूँ। दुर्भाग्य से बादलों की वजह से मैं सूर्य ग्रहण नहीं देख सका लेकिन कोझिकोड में सूर्य ग्रहण की झलकें देखीं। विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर इस विषय पर मेरा काफी ज्ञानवर्धन हुआ।’

पीएम मोदी के चश्मे की कीमत डेढ़ लाख बताई जा रही:

लेकिन ट्वीटर यूजर्स की नजर गयी, पीएम मोदी के चश्मे पर.. एक यूजर ने पीएम द्वारा इस्तेमाल चश्मे को जर्मनी का बताया, जिसकी कीमत का ब्यौरा भी उसने सांझा किया। बताया जा रहा है कि चश्मे की कीमत डेढ़ लाख है।

इतना ही नहीं, पीएम मोदी के ट्वीट पर एक यूजर ने ये भी लिखा कि अब इसपर मेम्स बनेंगे, इसपर पीएम मोदी ने यूजर को जवाब देते हुए लिखा ‘मोस्ट वेलकम’। वैसे यूजर्स ने उनकी तस्वीरों पर ट्रोल करना भी शुरू कर दिया।

Tuesday, 24 December 2019

अमेरिका में दायीं और भारत में बायीं तरफ कारों के चलने का क्या है राज़

अमेरिका में दायीं और भारत में बायीं तरफ कारों के चलने का क्या है राज़

vehicle steering is on the right and left side in all over world rule
बचपन से ही हमें सड़क के बायीं और चलना सिखाया जाता है. यातायात के इस नियम का पालन करते-करते हम इतने अभ्यस्त हो जाते हैं कि अगर किसी ख्याल में भी खोये हों तो स्वतः बाएं चलने लगते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हम भारतीयों को हमेशा सड़क के बायीं ओर चलने को क्यों कहा जाता है? या हमारे देश में सारी गाड़ियां सड़क के बायीं तरफ ही क्यों चलती हैं?
ऐसा नहीं है कि हर जगह ऐसा ही होता है. दुनिया के महज 35 प्रतिशत देश ही ऐसे है जहां सड़क के बायीं तरफ चलने की परंपरा है. इंग्लैंड, जापान और कई ब्रिटिश कॉलोनी को छोड़ दिया जाए तो लगभग पूरी दुनिया में गाड़ियां सड़क के दायीं ओर चलती हैं.
इसके अलावा भारत की कारों में स्टेयरिंग बायीं ओर क्यों होता है।कई लोगों के मन में सवाल उठता रहता है।आज हम आपको बताएंगे कि आखिर इसके पीछे क्या राज है।
तो आइए जानते हैं कि अमेरिका में दायीं और भारत में बायीं तरफ कारों के चलने का राज क्या है।
भारत में बायीं ओर क्यों चलतीं हैं कारें:
भारत में कारों के बायीं ओर चलने का कारण इंग्लैंड है। इंग्लैंड ने भारत में कई साल राज किया। और भारत में इंग्लैंड के कई कानूनों का पालन किया जाता है। दरअसल, इंग्लैंड में शुरू से ही कारें सड़क के बायीं ओर ही चलतीं हैं। 1756 में इंग्लैंड में इसे कानून बना दिया गया और इस कानून का पालन सभी ब्रिटिश शासित देशों में किया जाने लगे। भारत भी इंग्लैंड का गुलाम रह चुका है और इस कारण भारत में भी ये कानून लागू हुआ और कारें सड़के के बायीं ओर चलने लगीं।
अमेरिका में दायीं ओर क्यों चलतीं हैं कारें:
# माना जाता है कि 18वीं शताब्दी में अमेरिका में टीमस्टर्स की शुरुआत हुई थी। इसे घोड़ों की मदद से खींचा जाता था। इस वैगन में ड्राइवर के बैठने के लिए जगह नहीं होती थी और इसलिए वो सबसे बाएं घोड़े पर बैठकर दाएं हाथ से चाबुक इस्तेमाल करता था। लेकिन इससे वो ड्राइवर पीछे आने वाले वैगनों पर नजर नहीं रख पाता था और इसलिए बाद में अमेरिका में सड़क के दायीं ओर चलने का कानून बन गया। 18वीं शताब्दी के अंत तक इस कानून को पूरे अमेरिका में लागू कर दिया गया और लोग इस नियम के मुताबिक ही गाड़ी चलाने लगे।
# सड़क पर चलने के नियमों के बारे में जानकारी रोमन साम्राज्य से प्राप्त होती है. यहां सबूतों के अनुसार ये जानकारी मिली को यहां पर लोग बाईं ओर चलते थे. मध्यकाल की बात करें तो इस दौरान लोगों का सड़कों पर चलना हमेशा सुरक्षित नहीं होता था, क्योंकि उन्हें सड़क की दूसरी ओर से आने वाले डाकू और लुटेरे हमला कर देते थे. इसका परिणाम ये होता था कि ज्यादातर लोग दाएं हाथ से काम करते हैं, इसलिए वो अपने दाएं हाथ में तलवार पकड़कर चलते थे और सड़क के बाईं ओर चलते थे, जिससे वो दुश्मन पर हमला कर सकें.
# यूरोपीय देशों की बात करें तो फ्रांस में इस नियम को सबसे पहले लागू किया गया. लेकिन यहां ऐसा क्यों किया गया, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. कुछ लोगों का मानना है कि फ्रांसीसी क्रांतिकारी पोप के आदेश का पालन नहीं करते थे, इसलिए उन्होंने सड़क के दाईं ओर चलना शुरू किया था.
# इसके अवाला कुछ लोगों का मानना है कि सड़क के दाईं ओर चलने की शुरुआत नेपोलियन ने की थी. इसके बाद नेपोलियन ने इस प्रणाली को उन देशों तक पहुंचाया, जिन देशों पर उसने विजय प्राप्त की थी. नेपोलियन के हारने के बाद भी जिन देशों ने उसे हराया, उन्होंने भी सड़क के दाईं ओर चलने की प्रथा जारी रखी. इनमें से एक देश जर्मनी भी था. जर्मनी ने 20वीं शताब्दी में कई यूरोपयी देशों पर कब्जा किया और वहां पर सड़क के दाईं ओर चलने की प्रथा शुरू की.
# अमेरिका की तरह ही इंग्लैंड में भी कभी घोड़ों से खींची जानी वैगनों का इस्तेमाल किया जाता था. इसके अवाला इंग्लैंड पर कभी भी नेपोलियन या जर्मनी ने कब्जा नहीं किया था. इसी वजह से इंग्लैंड में हमेशा से सड़क के बाईं ओर चलने का नियम था. साल 1756 में इंग्लैंड में इसे आधिकारिक कानून का रूप दे दिया गया.

# इसके बाद जैसे-जैसे अंग्रेजों ने अन्य देशों में अपने साम्राज्य का विस्तार किया वैसे-वैसे इस नियम का विस्तार करते गए और अन्य ब्रिटिश शासित देशों में इस नियम को लागू किया गया. अब ये तो आपको पता ही है कि भारत 200 सालों तक अंग्रेजों को आधीन रहा, तो इसीलिए ये नियम भारत के लोगों ने भी मानना शुरू कर दिया.
एक समय ऐसा था कि सारी दुनिया सड़क के बायीं तरफ ही चलती थी
# इसके पीछे ऐतिहासिक कारण है. वह यह कि लोग सवारी करते हुए खुद के सबसे मजबूत बांह को खाली रखते थे. कब कहाँ से कोई आ जाए और तलवार निकालनी पड़ जाए. तलवार तो दाहिने हाथ से ही चलती थी. क्योंकि अधिकतर लोग दाहिने हाथ का इस्तेमाल करते हैं. इसलिए तलवार चलाने वाले को सड़क के बायीं तरफ रहना होता था.
# सत्रहवीं शताब्दी में बड़े पैमाने पर सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का प्रचलन बढ़ा. इनको ढोने के लिए एक गाड़ी में कई जोड़े घोड़े लगते थे. लेकिन इन गाड़ियों में कोई ड्राईवर की सीट तो थी नहीं. ऐसे में गाड़ीवान सारे घोड़ो को काबू में रखने के लिए सबसे बाएँ वाले घोड़े के ऊपर या उसके इर्द गिर्द बैठता था. यहाँ भी उद्देश्य अपना दाहिना हाथ खाली रखना ही था ताकि जरुरत पर किसी भी घोड़े को चाबुक मारा जा सके.लेकिन इन बड़ी गाड़ियों के सबसे बायीं तरफ बैठने पर दूसरी तरफ से आने वाले सवारी या गाड़ी का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था. यहीं से पारंपरिक यातायात के नियम को पहली चुनौती मिलनी शुरू हुई.
# खुद को सड़क के बायीं तरफ रखकर दाहिने हाथ से तलवारबाजी करते योद्धाइन सारी गाड़ियों के लिए सड़क पर बहुत अधिक जगह चाहिए होती थी. कहने का मतलब यह कि इसमें सड़क के बाएं जैसा कुछ रह नहीं जाता था और गाड़ियां बीचो-बीच चलने के लिए बाध्य थीं. इन सबको देखते हुए पहली बार दाहिने चलने का नियम पेन्नसिल्वानिया (Pennsylvaniya) ने 1792 में पास किया. धीरे-धीरे अमेरिका और कनाडा में इसे अपनाया जाने लगा.
उसी साल फ़्रांस में भी दाहिने चलने का फरमान जारी किया गया जिसे बाद में नेपोलियन ने पूरे देश में लागू करवाया. कहते हैं कि फ्रांस ने अंग्रेजों को चुनौती देने के लिए यातायात के नियम में यह बदलाव किया.
# बीसवीं शताब्दी में यूरोप में एक पूरा अभियान चला कि यातायात के नियम को एक समान बनाया जाए और धीरे-धीरे कई देश बाएं चलने के नियम को बदलकर दाहिने चलने लगे. सबसे आखिर में इस नियम को अपनाने वाला देश रहा स्वीडन.
# स्वीडन के सड़क पर बाएं से दाहिने चलने की कहानी भी बहुत रोचक है. तीन सितम्बर 1967 को देश की सारी गाड़ियों को दस मिनट के लिए रोक दिया गया. देश की घड़ी ने जब सुबह के 4.50 बजाये तो सारी गाड़ियां जहां थी वहीँ रुक गयीं. तब तक सब सड़क के बायीं तरफ चला करती थीं. दस मिनट में जब वापस चलना शुरू हुआ तो सब सड़क के दाहिनी तरफ चलने लगे.आज दुनिया के करीब 35 प्रतिशत देश ही सड़क के बायीं तरफ चलते हैं जिसमें भारत, इंडोनेसिया, आयरलैंड, माल्टा, सायप्रस, जापान, न्यू ज़ीलैण्ड, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैण्ड इत्यादि शामिल हैं.
मौजूदा समय में विश्व भर में 163 देशों में सड़क के दायीं ओर चलने का नियम है, वहीं 76 देश ऐसे हैं जहां सड़क के बायीं ओर चला जाता है। यूरोप में ब्रिटेन, आयरलैंड, माल्टा, साइप्रस को छोड़कर कहीं भी गाड़ियां बायीं ओर नहीं चलतीं। चीन की बात करें तो यहां भी गाड़ियां दायीं ओर ही चलतीं हैं।
लेकिन चीन के आधिपत्य वाले हॉन्गकॉन्ग में गाड़ियां बायीं ओर चलतीं हैं।

TikTok ने कई को बनाया मालामाल, आप भी ऐसा करके बन.....

TikTok ने कई को बनाया मालामाल, आप भी ऐसा करके बन.....


Make Money With Tiktok app
नई दिल्ली। स्मार्टफोन के इस दौर में TikTok सबसे अधिक ट्रेंडिंग एप्लीकेशन्स में से एक है। इस प्लेटफॉर्म पर शॉर्ट वीडियो बनाने का विकल्प होता, जो लॉन्च होने के बाद से ही लोगों के बीच कॉफी तेजी से पॉपुलर हो रहा है। आमतौर पर लोग इसे मनोरंजन के लिए इस TikTok ऐप का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, आप चाहें तो इस ऐप की मदद से घर बैठे आप कमाई भी कर सकते हैं। साथ में आपको पॉपुलैरिटी भी मिलेगी। आइए जानते हैं​कि TikTok ऐप से आप कैसे कमाई कर सकते हैं।
1- इसके लिए सबसे पहले तो प्लेस्टोर से इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद इस पर आपको अपना प्रोफाइल बनाना होगा। यहां पर आपको ऐसा वी​डियो बनाना होगा, जो जल्दी ही लोगों के बीच तेजी से पॉपुलर हो सके। इस ऐप के इस्तेमाल के समय आपका मोटो होना चाहिए कि अधिक से अधिक लोग आपको फॉलो करें।
2- वीडियो बनाने के दौरान आपको उन सॉन्ग्स या कॉन्सेप्ट को चुनना होगा जो ट्रेडिंग में हों. इसके बारे में आप सोशल मीडिया पर सर्फिंग के जरिए आसानी से पता कर सकते हैं।
3- आप TikTok प्रोफाइल को यूट्यूट और इंस्टाग्राम अकाउंट से लिंक कर सकते हैं. इससे आपके वीडियो की पहुंच बढ़ने के साथ-साथ फॉलोवर्स बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। लिंक करने के लिए आप ऐप के ​एडिट प्रोफाइल में जाकर ऐड यूट्यूब विकल्प पर ​टच​ क्लिक कर लिंक कर सकते हैं। ऐसे ही आप अपना इंस्टाग्राम अकाउंट को भी लिकं कर सकते हैं।
4- आपको ये सुनिश्चित करना होगा​आपके वीडियो की रीच आपको अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। अगर आप ऐसा करने में सफल होते हैं तो इससे आपके organic सर्च ट्रैफिक बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस स्टेप्स को फॉलो करने न सिर्फ आप अपने फॉलोवर्स बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि आपके पास पैसे कमाने का भी विकल्प मिलेगा। आपको अपने कंटेंट की क्वालिटी की पॉपुलैरिटी के आधार पर कुछ हजार से लेकर 50 हजार व उससे अधिक कमाई करने मौका मिलता है। ग्लोबल वेब इंडेक्स के मुताबिक, टिकटॉक ऐप पर 16 साल से लेकर 24 साल के लोग अधिक से अधिक लोग इस्तेमाल करते हैं।

एंड्राइड स्मार्टफोन के 3 ऐसे सीक्रेट फीचर्स जिनके बारे में आप भी नहीं जानते होंगे

एंड्राइड स्मार्टफोन के 3 ऐसे सीक्रेट फीचर्स जिनके बारे में आप भी नहीं जानते होंगे


3 Secret Features Of Android Smartphone That You May Not Know About
आज के समय में एंड्राइड स्मार्टफोन यूज़र्स की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। जिस तेजी के साथ स्मार्टफोन यूज़र्स की संख्या में इजाफा हो रहा हैं, उसी तेजी से कंपनियां नए नए स्मार्टफोन लॉन्च करने में लगी हुई हैं। इन नए स्मार्टफोन्स में रोज कुछ ना कुछ नया फीचर देखने को मिलता हैं। आजकल स्मार्टफोन में इतने फीचर्स आने लगे हैं कि लोगों को पता भी नहीं होता। कुछ एंड्राइड स्मार्टफोन के फीचर्स की हम इस आर्टिकल में बात करेंगे जो बेहद सीक्रेट हैं।
डू नॉट डिस्टर्ब फीचर

अगर आपने अपने एंड्राइड स्मार्टफोन में डू नॉट डिस्टर्ब फीचर का इस्तेमाल किया हैं तो हम दावे के साथ कह सकते हैं आपमें से अधिकतर लोग नहीं जानते होंगे कि इस फीचर का उपयोग करने के लिए आपके पास Priority मोड़ भी दिया होता हैं। इस मोड़ के जरिये आप अपने कॉन्टेक्ट लिस्ट में प्राइवेसी लगा सकते हैं। जिन लोगो का कॉल आप नहीं अटेंड करना चाहते तो इस मोड़ का उपयोग कर सकते हैं।
स्मार्ट लॉक सिस्टम फीचर

आपके एंड्राइड स्मार्टफोन में एक स्मार्ट लॉक का सिस्टम होता हैं। इस फीचर का उपयोग कर आप किसी एक जगह को लिस्टेड कर सकते हैं। मान लो आपने अपने घर का एड्रेस लिस्ट किया हैं तो जैसे ही आप अपने घर पर आओगे तो आपका स्मार्टफोन का लॉक खुद ब खुद अनलॉक हो जाएगा। हैं न बेहद ख़ास फीचर्स, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को नहीं पता होगा।
से नो टू पर्सनलास्ड एड फीचर

अधिकतर देखा जाता हैं आप अपने स्मार्टफोन में आने वाले विज्ञापनों से परेशान हो जाते हो। आपके पास Say no to personalized ads का ऑप्शन होता हैं जिसकी मदद से आप अपने फोन में आने वाले पर्सनलास्ड एड्स को बंद कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले फोन की सेटिंग में जाएं। फिर गूगल एड्स को अनेबल कर दे। बस इसके बाद आपके फोन में पर्सनलास्ड एड आने बंद हो जाएंगे।

Monday, 23 December 2019

झारखंड चुनाव: मोदी ने झामुमो और हेमंत सोरेन को दी बधाई, कहा BJP राज्य की सेवा करते रहेगी

झारखंड चुनाव: मोदी ने झामुमो और हेमंत सोरेन को दी बधाई, कहा BJP राज्य की सेवा करते रहेगी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड विधानसभा चुनावों में जीत के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाले गठबंधन और उसके नेता हेमंत सोरेन को आज बधाई दी और कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य की सेवा करते रहेगी और जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहेगी।
मोदी ने चुनाव परिणाम आने के बाद ट्वीटर पर अंग्रेजी में कहा, “ झारखंड चुनाव में जीत के लिए झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन और हेमंत सोरेन जी को बधाई। राज्य की सेवा करने के लिए उन्हें शुभकामनाएं।”
उन्होंने कहा कि वह भाजपा को झारखंड की वर्षों तक सेवा का अवसर देने वाले लोगों को धन्यवाद देते हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं की उनके प्रयासों के लिए सराहना भी करते हैं। उन्होंने कहा कि हम आने वाले समय में राज्य की सेवा करते रहेंगे और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में जनता का आदेश ही सर्वोपरि है। हम झारखण्ड चुनावों में मिले जनादेश को स्वीकार करते है। भाजपा सदैव झारखण्ड के विकास के लिए तत्पर है। उन्होंने भी कहा, “हम प्रदेश के विकास के हर मुद्दे को उठाते रहेंगे। हमारे कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता का आभार।”
झारखंड विधानसभा के चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को तगड़ा झटका लगा है और झारखंड मुक्ति मोर्चा एवं कांग्रेस का गठबंधन बहुमत हासिल करता दिख रहा है। मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर पूर्व से, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ चक्रधरपुर से और विधानसभा के अध्यक्ष दिनेश उरांव सिसई विधानसभा क्षेत्र से अपने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वियों से बड़े अंतर से पीछे हैं।

सीनियर सिटिजंस के लिए हैं ये स्कीमें, तुंरत करें अप्लाई

सीनियर सिटिजंस के लिए हैं ये स्कीमें, तुंरत करेंअप्लाई 

These Schemes Are For Senior Citizens | 


नई दिल्लीः सीनियर सिटिजंस के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं. अगर आपके आसपास या घर में कोई वरिष्ठ सदस्य हैं तो उनके जीवन को आसान बनाने के लिए इन स्कीमों के बारे में गौर करें.
वरिष्ठ ना‍गरिकों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में अब वरिष्ठ नागरिक तय सीमा से दोगुनी कीमत का निवेश कर सकते हैं. 60 साल या इससे अधिक उम्र के लोग इस योजना में निवेश कर सकते हैं. निवेश की अंतिम तारीख मार्च 2020 तक है. इसमें 10 साल तक निवेश कर सकते हैं जिसमें आपको 8 फीसदी तक रिटर्न की गारंटी के साथ ही पेंशन भी मिलेगी. निवेश की कीमत दोगुनी करने से मासिक अधिकत्तम 10 हजार रूपए और न्यूनतम 1 हजार तक पेंशन मिलेगी. निवेश के लिए https://eterm.licindia.in/onlinePlansIndex/pmvvymain.do इस वेबसाइट से फॉर्म भर सकते हैं और जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे पैन कार्ड, बैंक खाता डिटेल्स और एड्रेस प्रूफ अटैच कर सकते हैं.
क्या आप जानते हैं बैंक को घर गिरवी रखवाकर भी मासिक पेंशन पा सकते हैं. इसे रिवर्स मॉर्गेज स्कीम के नाम से जाना जाता है. इसके लिए लोन 15 साल तक मिलता है. बुजुर्ग की उम्र 60 साल या इससे अधिक होनी चाहिए. बुजुर्ग गिरवी रखे हुए घर में रह सकता है. बुजुर्ग की मृत्यु् के बाद घर बैंक का हो जाता है. घर की कीमत के आधार पर 60 फीसदी तक बैंक लोन देता है. बुजुर्ग को लोन वापिस नहीं करना होता. यदि बुजुर्ग के परिवार के सदस्य बैंक से घर वापिस लेना चाहते हैं तो उन्हें बैंक को घर की पूरी कीमत देनी होगी.

भोजन के साथ हरी मिर्च खाना कितना जरूरी है जानकर हैरान हो जाएंगे

भोजन के साथ हरी मिर्च खाना कितना जरूरी है जानकर हैरान हो जाएंगे

You will be surprised at how important it is to eat green chilli with food

भोजन खाना काफी ज्यादा पसंद हर किसी को होता है| क्योंकि भोजन से एनर्जी मिलती है और एनर्जी से व्यक्ति कुछ भी काम कर सकता है और जब भूख लगती है तो वह कुछ भी खा सकता है| लेकिन खाना खाने का भी एक तरीका है| यदि आप भोजन खाते हैं तो आपको भोजन में हरी मिर्च शामिल करना बेहद जरूरी है और बहुत से लोग खाना खाने के साथ हरी मिर्च भी खाते हैं| क्योंकि बहुत से लोगों का मानना है कि हरी मिर्च भोजन के साथ खाने से एसिडिटी गैस जलन जैसी समस्या उत्पन्न नहीं होती है|लेकिन आज के इस पोस्ट में हम आप को भोजन के साथ हरी मिर्च खाने के कुछ फायदे भी बताने वाले हैं| यह जानकर आप हैरान हो जाएंगे| तो चलिए फिर जान लेते हैं भोजन के साथ हरी मिर्च खाने के फायदे|
१.आपको बता दें यदि आप भोजन के साथ हरी मिर्च खाते हैं तो यह नैचुरल पेनकिलर के रूप में भी कार्य करता है| क्योंकि भोजन के साथ हरी मिर्च का नियमित रूप से सेवन करने से आपके शरीर में होने वाले सभी प्रकार के दर्द दूर हो जाएंगे|
२.यदि आप नियमित रूप से भोजन के साथ हरी मिर्च का सेवन करते हैं तो इससे आपकी त्वचा निखर जाएगी और आपकी त्वचा के दाग, धब्बे, पिंपल जैसी समस्या भी धीरे-धीरे दूर हो जाएगी|

३. यदि आप भोजन के साथ हरी मिर्च खाते हैं तो इससे आपको कब्ज की समस्या भी दूर हो जाएगी क्योंकि हरी मिर्च में फाइबर की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है जो पाचन तंत्र में सुधार करके पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं|

४.भोजन के साथ यदि आप हरी मिर्च खाते हैं तो इसके अंदर मौजूद फाइबर खाने को जल्दी पचाने में मदद करता है जिससे पेट खराब नहीं होता और एसिडिटी जैसी समस्या होने की संभावना भी बहुत कम हो जाती है|
५.भोजन के साथ यदि आप हरी मिर्च नियमित खाते हैं तो हरी मिर्च के सेवन से आपके शरीर में खून की कमी भी पूरा हो जाती है| क्योंकि हरी मिर्च में आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है| जो शरीर में खून की कमी को पूरा करने में सहायक है|

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