अमेरिका में दायीं और भारत में बायीं तरफ कारों के चलने का क्या है राज़ - mibasoft
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Tuesday, 24 December 2019

अमेरिका में दायीं और भारत में बायीं तरफ कारों के चलने का क्या है राज़

अमेरिका में दायीं और भारत में बायीं तरफ कारों के चलने का क्या है राज़

vehicle steering is on the right and left side in all over world rule
बचपन से ही हमें सड़क के बायीं और चलना सिखाया जाता है. यातायात के इस नियम का पालन करते-करते हम इतने अभ्यस्त हो जाते हैं कि अगर किसी ख्याल में भी खोये हों तो स्वतः बाएं चलने लगते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हम भारतीयों को हमेशा सड़क के बायीं ओर चलने को क्यों कहा जाता है? या हमारे देश में सारी गाड़ियां सड़क के बायीं तरफ ही क्यों चलती हैं?
ऐसा नहीं है कि हर जगह ऐसा ही होता है. दुनिया के महज 35 प्रतिशत देश ही ऐसे है जहां सड़क के बायीं तरफ चलने की परंपरा है. इंग्लैंड, जापान और कई ब्रिटिश कॉलोनी को छोड़ दिया जाए तो लगभग पूरी दुनिया में गाड़ियां सड़क के दायीं ओर चलती हैं.
इसके अलावा भारत की कारों में स्टेयरिंग बायीं ओर क्यों होता है।कई लोगों के मन में सवाल उठता रहता है।आज हम आपको बताएंगे कि आखिर इसके पीछे क्या राज है।
तो आइए जानते हैं कि अमेरिका में दायीं और भारत में बायीं तरफ कारों के चलने का राज क्या है।
भारत में बायीं ओर क्यों चलतीं हैं कारें:
भारत में कारों के बायीं ओर चलने का कारण इंग्लैंड है। इंग्लैंड ने भारत में कई साल राज किया। और भारत में इंग्लैंड के कई कानूनों का पालन किया जाता है। दरअसल, इंग्लैंड में शुरू से ही कारें सड़क के बायीं ओर ही चलतीं हैं। 1756 में इंग्लैंड में इसे कानून बना दिया गया और इस कानून का पालन सभी ब्रिटिश शासित देशों में किया जाने लगे। भारत भी इंग्लैंड का गुलाम रह चुका है और इस कारण भारत में भी ये कानून लागू हुआ और कारें सड़के के बायीं ओर चलने लगीं।
अमेरिका में दायीं ओर क्यों चलतीं हैं कारें:
# माना जाता है कि 18वीं शताब्दी में अमेरिका में टीमस्टर्स की शुरुआत हुई थी। इसे घोड़ों की मदद से खींचा जाता था। इस वैगन में ड्राइवर के बैठने के लिए जगह नहीं होती थी और इसलिए वो सबसे बाएं घोड़े पर बैठकर दाएं हाथ से चाबुक इस्तेमाल करता था। लेकिन इससे वो ड्राइवर पीछे आने वाले वैगनों पर नजर नहीं रख पाता था और इसलिए बाद में अमेरिका में सड़क के दायीं ओर चलने का कानून बन गया। 18वीं शताब्दी के अंत तक इस कानून को पूरे अमेरिका में लागू कर दिया गया और लोग इस नियम के मुताबिक ही गाड़ी चलाने लगे।
# सड़क पर चलने के नियमों के बारे में जानकारी रोमन साम्राज्य से प्राप्त होती है. यहां सबूतों के अनुसार ये जानकारी मिली को यहां पर लोग बाईं ओर चलते थे. मध्यकाल की बात करें तो इस दौरान लोगों का सड़कों पर चलना हमेशा सुरक्षित नहीं होता था, क्योंकि उन्हें सड़क की दूसरी ओर से आने वाले डाकू और लुटेरे हमला कर देते थे. इसका परिणाम ये होता था कि ज्यादातर लोग दाएं हाथ से काम करते हैं, इसलिए वो अपने दाएं हाथ में तलवार पकड़कर चलते थे और सड़क के बाईं ओर चलते थे, जिससे वो दुश्मन पर हमला कर सकें.
# यूरोपीय देशों की बात करें तो फ्रांस में इस नियम को सबसे पहले लागू किया गया. लेकिन यहां ऐसा क्यों किया गया, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. कुछ लोगों का मानना है कि फ्रांसीसी क्रांतिकारी पोप के आदेश का पालन नहीं करते थे, इसलिए उन्होंने सड़क के दाईं ओर चलना शुरू किया था.
# इसके अवाला कुछ लोगों का मानना है कि सड़क के दाईं ओर चलने की शुरुआत नेपोलियन ने की थी. इसके बाद नेपोलियन ने इस प्रणाली को उन देशों तक पहुंचाया, जिन देशों पर उसने विजय प्राप्त की थी. नेपोलियन के हारने के बाद भी जिन देशों ने उसे हराया, उन्होंने भी सड़क के दाईं ओर चलने की प्रथा जारी रखी. इनमें से एक देश जर्मनी भी था. जर्मनी ने 20वीं शताब्दी में कई यूरोपयी देशों पर कब्जा किया और वहां पर सड़क के दाईं ओर चलने की प्रथा शुरू की.
# अमेरिका की तरह ही इंग्लैंड में भी कभी घोड़ों से खींची जानी वैगनों का इस्तेमाल किया जाता था. इसके अवाला इंग्लैंड पर कभी भी नेपोलियन या जर्मनी ने कब्जा नहीं किया था. इसी वजह से इंग्लैंड में हमेशा से सड़क के बाईं ओर चलने का नियम था. साल 1756 में इंग्लैंड में इसे आधिकारिक कानून का रूप दे दिया गया.

# इसके बाद जैसे-जैसे अंग्रेजों ने अन्य देशों में अपने साम्राज्य का विस्तार किया वैसे-वैसे इस नियम का विस्तार करते गए और अन्य ब्रिटिश शासित देशों में इस नियम को लागू किया गया. अब ये तो आपको पता ही है कि भारत 200 सालों तक अंग्रेजों को आधीन रहा, तो इसीलिए ये नियम भारत के लोगों ने भी मानना शुरू कर दिया.
एक समय ऐसा था कि सारी दुनिया सड़क के बायीं तरफ ही चलती थी
# इसके पीछे ऐतिहासिक कारण है. वह यह कि लोग सवारी करते हुए खुद के सबसे मजबूत बांह को खाली रखते थे. कब कहाँ से कोई आ जाए और तलवार निकालनी पड़ जाए. तलवार तो दाहिने हाथ से ही चलती थी. क्योंकि अधिकतर लोग दाहिने हाथ का इस्तेमाल करते हैं. इसलिए तलवार चलाने वाले को सड़क के बायीं तरफ रहना होता था.
# सत्रहवीं शताब्दी में बड़े पैमाने पर सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का प्रचलन बढ़ा. इनको ढोने के लिए एक गाड़ी में कई जोड़े घोड़े लगते थे. लेकिन इन गाड़ियों में कोई ड्राईवर की सीट तो थी नहीं. ऐसे में गाड़ीवान सारे घोड़ो को काबू में रखने के लिए सबसे बाएँ वाले घोड़े के ऊपर या उसके इर्द गिर्द बैठता था. यहाँ भी उद्देश्य अपना दाहिना हाथ खाली रखना ही था ताकि जरुरत पर किसी भी घोड़े को चाबुक मारा जा सके.लेकिन इन बड़ी गाड़ियों के सबसे बायीं तरफ बैठने पर दूसरी तरफ से आने वाले सवारी या गाड़ी का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था. यहीं से पारंपरिक यातायात के नियम को पहली चुनौती मिलनी शुरू हुई.
# खुद को सड़क के बायीं तरफ रखकर दाहिने हाथ से तलवारबाजी करते योद्धाइन सारी गाड़ियों के लिए सड़क पर बहुत अधिक जगह चाहिए होती थी. कहने का मतलब यह कि इसमें सड़क के बाएं जैसा कुछ रह नहीं जाता था और गाड़ियां बीचो-बीच चलने के लिए बाध्य थीं. इन सबको देखते हुए पहली बार दाहिने चलने का नियम पेन्नसिल्वानिया (Pennsylvaniya) ने 1792 में पास किया. धीरे-धीरे अमेरिका और कनाडा में इसे अपनाया जाने लगा.
उसी साल फ़्रांस में भी दाहिने चलने का फरमान जारी किया गया जिसे बाद में नेपोलियन ने पूरे देश में लागू करवाया. कहते हैं कि फ्रांस ने अंग्रेजों को चुनौती देने के लिए यातायात के नियम में यह बदलाव किया.
# बीसवीं शताब्दी में यूरोप में एक पूरा अभियान चला कि यातायात के नियम को एक समान बनाया जाए और धीरे-धीरे कई देश बाएं चलने के नियम को बदलकर दाहिने चलने लगे. सबसे आखिर में इस नियम को अपनाने वाला देश रहा स्वीडन.
# स्वीडन के सड़क पर बाएं से दाहिने चलने की कहानी भी बहुत रोचक है. तीन सितम्बर 1967 को देश की सारी गाड़ियों को दस मिनट के लिए रोक दिया गया. देश की घड़ी ने जब सुबह के 4.50 बजाये तो सारी गाड़ियां जहां थी वहीँ रुक गयीं. तब तक सब सड़क के बायीं तरफ चला करती थीं. दस मिनट में जब वापस चलना शुरू हुआ तो सब सड़क के दाहिनी तरफ चलने लगे.आज दुनिया के करीब 35 प्रतिशत देश ही सड़क के बायीं तरफ चलते हैं जिसमें भारत, इंडोनेसिया, आयरलैंड, माल्टा, सायप्रस, जापान, न्यू ज़ीलैण्ड, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैण्ड इत्यादि शामिल हैं.
मौजूदा समय में विश्व भर में 163 देशों में सड़क के दायीं ओर चलने का नियम है, वहीं 76 देश ऐसे हैं जहां सड़क के बायीं ओर चला जाता है। यूरोप में ब्रिटेन, आयरलैंड, माल्टा, साइप्रस को छोड़कर कहीं भी गाड़ियां बायीं ओर नहीं चलतीं। चीन की बात करें तो यहां भी गाड़ियां दायीं ओर ही चलतीं हैं।
लेकिन चीन के आधिपत्य वाले हॉन्गकॉन्ग में गाड़ियां बायीं ओर चलतीं हैं।

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